राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना

संस्था द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत मेटों का प्रशिक्षण करवाकर किस प्रकार वो उन्नति करें व मस्टरोल के रख-रखाव को सुनिश्चित किया गया। साथ ही कार्य करने वाले श्रमिकों को फॉर्म 6 की महत्वपूर्णता के बारे में बताया गया। आवेदन करने के पश्चात काम नही दिये जाने पर गांव के लोगों ने बेरोजगारी भत्ते की मांग की जिसके फलस्वरूप लोगों को तुरन्त काम मिला और कार्यक्रम अधिकारी ने भविष्य में ऐसा वाक्या दुबारा ना करने का भरोसा जताया। संस्था द्वारा विभिन्न गांवों में समय पर काम नहीं मिलने पर किस प्रकार बेरोजगारी भत्ता प्राप्त किया जा सकेगा आदि विषयों पर जागरूकता बढा़कर लोगों को अपने हकों के प्रति जागरूक किया।

पंचायतों को जैण्डर की गंभीरता से जोडना

पंचायतों को जैण्डर की गंभीरता से जोडना

संस्था द्वारा जिले में लिंग जांच रोकने हेतु जो कार्य किया जा रहा है उसमें पंचायतों के माध्यम से जेण्डर, बजट व घटते लिगांनुपात को मुख्य मुद्दा मानते हुए ध्यान में रखा गया है। पूर्व में प्राय: देखा जाता रहा है कि महिला पंचायत प्रतिनिधियों को दोयाम दर्जे का इन्सान माना जाता है और उन्हे पुरूष के समकक्ष नही माना जाता। संस्था द्वारा महिला जन प्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर प्रशिक्षण कराये और प्रशिक्षण के पश्चात यह सुनिश्चित किया कि उनका दर्जा दोयाम नही है।

स्वयं सहायता समूह

स्वयं सहायता समूह

संस्था द्वारा विराटनगर में छोटी मद मे बचत के लिए स्वयं सहायता समूह बनाये गये है। प्रत्येक स्वयं सहायता समूह मे कम से कम 10 से 12 महिलाओं का समूह बनाया गया है। प्रत्येक महिला हर माह 100 से 200 रू. की राशि जमा कराती है। अगर किसी महिला को राशि की जरूरत होती है तो वह उस जमा राशि में से कम ब्याज राशि ले लेती है। उस राशि को वह महिला हर माह की किश्त में जमा कराती है इससे उस महिला के उपर अतिरिक्त भार भी नहीं होता। जब उस समूह की तय सीमा खत्म होती है तो समूह की महिलाओं को जमा राशि से ज्यादा ही पैसा मिलता रहा है। इस प्रकार छोटे-छोटे पदों में बचत हो जाती हैै।

पोलियो व एड्स मुक्त समाज के लिए जागरूकता कार्यक्रम

पोलियो व एड्स मुक्त समाज के लिए जागरूकता कार्यक्रम

संस्था द्वारा विराटनगर को पोलियो मुक्त बनाने केे लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है संस्था इसके लिए नुक्कड नाटको के माध्यम से गांवो मे जाकर लोगों को पल्स पोलियो की दवा समय रहते बच्चों को पिलाने के लिए प्रेरित किया गया है। गांवों मे जाकर लोगों को पोलियो के लिए जागरूक करने के पीछे संस्था का उद्देश्य एक पोलियो मुक्त समाज की स्थापना करना है ताकि देश में चलाये जा रहे इस अभियान में अपना योगदान दे सकें। लोगों में एच.आई.वी एड्स की रोकथाम व जागरूकता के लिए गांवों में यौन रोग विशेषज्ञाें की मदद से लोगों की सोच में बदलाव लाने का प्रयास किया गया। साथ ही लोगो को एच.आई.वी एड्स के बारे मे सामान्य जानकारी समय-समय पर दी जाती रही है।

वॉकेशनल प्रशिक्षण कार्यक्रम

वॉकेशनल प्रशिक्षण कार्यक्रम

संस्था द्वारा बालिकाओं को रोजगार से जोडने के लिए वॉकेशनल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये गये। इन कार्यक्रमों के पीछे संस्था का उद्देश्य बालिकाओं को इन प्रशिक्षण केंद्र से जोडकर उनको रोजगार पाने हेतु तैयार करना रहा है। संस्था द्वारा इन प्रशिक्षण केन्द्रों में महिलाओं के लिए मुख्यत: सिलाई-बुनाई कम्प्यूटर आदि का प्रशिक्षण मुफ़्त उपलब्ध कराया जाता है साथ ही इन महिलाओं को रोजगार भी दिया जाता रहा है। इससे ये संस्था बालिकाओं/महिलाओं को अपने स्तर पर कुछ राशि जमा कराती है। संस्था द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आज भी संचालित किये जा रहे है।

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