पंचायतों को जैण्डर की गंभीरता से जोडना

संस्था द्वारा जिले में लिंग जांच रोकने हेतु जो कार्य किया जा रहा है उसमें पंचायतों के माध्यम से जेण्डर, बजट व घटते लिगांनुपात को मुख्य मुद्दा मानते हुए ध्यान में रखा गया है। पूर्व में प्राय: देखा जाता रहा है कि महिला पंचायत प्रतिनिधियों को दोयाम दर्जे का इन्सान माना जाता है और उन्हे पुरूष के समकक्ष नही माना जाता। संस्था द्वारा महिला जन प्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर प्रशिक्षण कराये और प्रशिक्षण के पश्चात यह सुनिश्चित किया कि उनका दर्जा दोयाम नही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »